Tuesday, October 2, 2018

केंद्रीय राज्य मंत्री जीएस शेखावत ने कहा, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किसान नेताओं से

बिना शर्त कर्ज माफी, गन्ना मिलों का बकाया भुगतान करना, फसलों का अधिकतम मूल्य दिया जाना, खेतों के लिए मुफ्त बिजली और डीजल के दामों में कटौती की मांगों को लेकर हजारों किसानों ने मंगलवार को दिल्ली की ओर कूच किया और राष्ट्रीय राजधानी की ओर जाने वाली प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित किया. राष्ट्रीय राजधानी की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोंडा, बस्ती और गोरखपुर जैसे दूर-दराज की जगहों के साथ-साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना क्षेत्र से आये किसानों की भीड़ नजर आ रही थी. उत्तर-प्रदेश से लगने वाली सीमा पर स्थित पुलिस चौकियों में धारा 144 (निषेधाज्ञा) लागू होने के कारण पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने, किसी तरह की सार्वजनिक बैठक आयोजित करने

, एम्प्लीफायर, लाउडस्पीकर और इसी तरह के किसी अन्य उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गयी है. हरिद्वार में टिकैत घाट से 23 सितंबर को शुरू हुई किसान क्रांति यात्रा में उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से किसान शामिल होते गये. ये लोग पैदल, बसों में या फिर ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवार होकर आए हैं. इन लोगों के हाथों में भारतीय किसान यूनियन के बैनर हैं. इस यूनियन ने अपनी मांगों पर दबाव बनाने के लिए मार्च का आह्वान किया है.  मेरठ से आये एक किसान हरमिक सिंह ने कहा, ‘हम सरकार से कोई भीख नहीं मांग रहे हैं. हम अपना अधिकार मांग रहे हैं.’    उन्होंने बताया कि किसान बिजली की ऊंची दरों और आसमान छूती ईंधन की कीमतों के कारण संकट में हैं. उन्होंने कहा, ‘आपको 500 रूपये का गैस ठीक लगता है क्या?’ एक अन्य किसान ने दावा किया कि तीन लाख से अधिक किसान राजघाट की ओर मार्च कर रहे हैं
किसानों को समर्थन देने के लिए  प्रमुख चौधरी अजित सिंह यूपी गेट पहुंचे 
- केंद्रीय राज्य मंत्री जीएस शेखावत ने कहा कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किसान नेताओं से बात की है, कई मुद्दों पर सहमति बनी. उन्‍होंने कहा कि यूपी के मंत्री लक्ष्मी नारायण, सुरेश राणा किसानों से मिलने के लिए जा सकते हैं. - जेडीयू नेता के सी त्‍यागी ने कहा कि किसान शांतिपूर्वक राजघाट की तरु जा रहे थे लेकिन उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया. उन पर लाठी चार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए. हम इसकी निंदा करते हैं.  - भारतीय किसान यूनियन के अध्‍यक्ष राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों पर पुलिस का एक्‍शन गलत है. हमारे नेता गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर रहे है और उसके बाद हम तय करेंगे कि क्‍या करना है. कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र शेखावत, यूपी के गन्ना मंत्री सुरेश राणा और मंत्री लक्ष्मी नारायण प्रदर्शनकारियों से मिलने आ सकते हैं

- भारतीय किसान यूनियन के मुताबिक, किसानों के प्रतिनिधिमंडल की इस समय केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मुलाकात चल रही है

- किसानों को समर्थन देने  प्रमुख चौ. अजीत सिंह लगभग 1:30 तक गाज़ीपुर बार्डर पहुंचेंगे

- दिल्ली पुलिस का किसानों को प्रस्ताव कि अगर अगर किसान शांतिपूर्ण तरीके से किसान घाट तक जाने को सहमत हो तो दिल्ली पुलिस खुद अपनी 25 बसों में बैठाकर किसानों को किसान घाट ले जाने को तैयार

- अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार किसानों से किए वादे करने में नाकाम रही, जाहिर वे विरोध करेंगे, हम किसानों के साथ हैं

- भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि हमें यहां क्यों रोक दिया गया है (यूपी-दिल्ली सीमा पर)? रैली एक अनुशासित तरीके से आगे बढ़ रही थी. अगर हम अपनी सरकार को हमारी समस्याओं के बारे में नहीं बता सकते तो हम किससे कहेंगे? क्या हम पाकिस्तान या बांग्लादेश जाए?

टिप्पणियां
  - दिल्ली आ रहे हज़ारों किसानों को यूपी गेट पर रोक दिया गया है. गाज़ीपुर और महाराजपुर बॉर्डर को सील कर दिया गया है. भारी तादाद में पुलिस की तैनाती की गई है.

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