कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के भारत बंद के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं की सत्ताधारी पार्टी
बीजेपी ने कड़े शब्दों में निंदा की है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने
इससे पहले नरेंद्र मोदी सरकार पर पेट्रोल और डीज़ल के दाम को लेकर जो आरोप
लगाए थे, बीजेपी ने उसका जवाब दिया है.
बीजपी नेता और देश के क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि विपक्ष का भारत बंद असफल रहा है.उन्होंने बिहार में बंद के कारण एंबुलेंस न पहुंच पाने से एक दो साल की बच्ची की मौत का ज़िक्र करते हुए विपक्ष के इस क़दम की निंदा की.
उन्होंने कहा कि जनता को आज कोई परेशानी नहीं, इसीलिए जनता इस बंद के साथ नहीं खड़ी है. इसी वजह से कांग्रेस और विपक्ष के लोग खीझ कर खौफ़ का माहौल बना रहे हैं
उन्होंने कहा कि हिंसा और मौत का खेल बंद होना चाहिए. 'जब जनता का समर्थन नहीं मिलता तो उग्रता का प्रदर्शन को बंद को सफल बनाने की कोशिश की जा रही है.'
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 'डीज़ल-पेट्रोल की कीमत का बढ़ना हमारे हाथ से बाहर है क्योंकि तेल उत्पादक देशों ने उत्पादन को सीमित कर रखा है. वेनेजु़एला में राजनीतिक अस्थिरता है, ईरान अमरीकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है और अमरीका में शेल गैस का उत्पादन नहीं हो रहा है. दुनिया में तेल की मांग और पूर्ति का अनुपात गड़बड़ है. इस वजह से तेल की कीमतें बढ़ी हुई हैं. इस पर हमारा कोई कंट्रोल नहीं है.'
उन्होंने यूपीए के दौर का ज़िक्र करते हुए कहा कि उस समय 39 रुपये से 73 रुपये पर पहुंच गया था पेट्रोल क्योंकि ये ऐसी समस्या है जिसका हल सरकार के पास नहीं. ये अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है.
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 'हमारी सरकार ने मुद्रास्फीति को कम करने की कोशिश की और कामयाबी भी मिली है. यूपीए के समय 10.4 थी महंगाई दर जबकि हमारे शासन काल में यह 4.7 हो गई है.'
इससे पहले पेट्रोल औ डीज़ल के बढ़ते दाम के ख़िलाफ़ विपक्ष के भारत बंद के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार एक धर्म को दूसरे से, एक जाति को दूसरी जाति से लड़ाने का काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी कांग्रेस के 70 सालों में विकास न होने की बात करते हैं. लेकिन असलियत यह है कि पिछले 70 साल में रुपया इतना कमज़ोर नहीं रहा जितना मोदी शासन के चार सालों में हो गया है.
राहुल गांधी ने कहा कि पेट्रोल 80 रुपये के पार चला गया है और डीज़ल 80 से थोड़ा ही कम है, लेकिन नरेंद्र मोदी पूरा देश घूमते हैं पर इसके बारे में एक शब्द भी नहीं कहते.
राहुल गांधी ने गैस सिलेंडर के दाम की बात भी की और कहा कि यूपीए के समय 400 रुपये का सिलेंडर अब 800 रुपये में बेचा जा रहा है.
उन्होंने बलात्कार और हत्याओं का मुद्दा भी उठाया और कहा कि पीएम मोदी इस पर भी कुछ नहीं कहते.
इसके अलावा राहुल गांधी ने काला धन, नोटबंदी, जीएसटी का मुद्दा उठाकर पहले की तरह ही केंद्र की सरकार पर निशाना साधा.
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में केवल 15-20 क्रोनी कैपिटलिस्ट को रास्ता नज़र आता है, आम लोगों को नहीं क्योंकि सरकार की नज़र केवल उन्हीम 15-20 लोगों पर है.
भाषण के आखिर में उन्होंने कहा कि 'सभी विपक्षी दल एक साथ बैठे हैं ये ख़ुशी की बात है. हम एक साथ मिलकर बीजेपी को हराने जा रहे हैं.'
पेट्रोल और डीज़ल के बढ़ते दामों के विरोध में कांग्रेस ने भारत बंद की जो कॉल दी है उसका कई राज्यों में असर दिखाई पड़ रहा है. इस बंद में कांग्रेस के साथ कुछ अन्य विपक्षी दल भी हिस्सा ले रहे हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के राजघाट से बंद की शुरूआत की. राजघाट पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी पहुंचे और विपक्ष से एकजुट रहने की अपील की.
कांग्रेस का दावा है कि समाजवादी पार्टी, बसपा, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और राजद समेत 21 दल इस भारत बंद का समर्थन कर रहे हैं.
पिछले कुछ समय से पेट्रोल और डीज़ल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. रविवार को पेट्रोल के दाम में 12 पैसे प्रति लीटर और डीज़ल के दाम में 10 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई.
कुछ राज्यों में पेट्रोल के दाम 80 रुपये को पार गए हैं जो अब तक की सबसे ज़्यादा क़ीमत है. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 80.50 रुपये और डीज़ल की कीमत 72.60 रुपये प्रति लीटर हो गई है. बिहार में पेट्रोल के दाम इससे भी ज़्यादा हो गए हैं.
जम्मू में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तेल के बढ़ते दामों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. हालांकि वहां सभी शैक्षणिक संस्थान खुले हैं.
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